चेहरे चमकाने से क़िरदार नही चमकता

Hindi Urdu Poetry Stories
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अजीब है बात है आरिफ़ के रात दिन जो मुझ पर ऐतराज़ करतें हैं,

औक़ात नहीं जिनकी सर उठाने की वो हर जगह मेरी बात करतें हैं


और बड़ी कश़ मकश़ में गुज़र रही है ज़िंदगी जिनकी,

वो ख़ुद की छोड़ कर औरों के ऐबों को तलाश़ करतें है


और सुना है के बना ली है उन्होंने भी अलग महफिलें अपनी,

जहाँ वो संग रक़ीबो के बस वो मुझको याद किया करतें हैं


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