बेज़ुबान दिलों के ज़ख़्म

Hindi Urdu Poetry Stories
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दिलों के घावों को कोई भी नहीं देखता आरिफ़ चेहरे से तो सभी ख़ुशहाल दिखतें है,


समंदर की ख़ामोश़ी भी ऊपर से सबको पता है मगर अंदर से तबाहकुन तूफ़ान दिन रात उठते है



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