बेज़ुबान दिलों के ज़ख़्म
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Hindi Urdu Poetry Stories
अक्टूबर 24, 2020
दिलों के घावों को कोई भी नहीं देखता आरिफ़ चेहरे से तो सभी ख़ुशहाल दिखतें है,
समंदर की ख़ामोश़ी भी ऊपर से सबको पता है मगर अंदर से तबाहकुन तूफ़ान दिन रात उठते है
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