मुख्यपृष्ठ Hindi Urdu Poetry Stories मज़लूम जनता दग़ा सह कर भी वफ़ादार होती है और सेयासी लोग दग़ा देकर भी वफ़ादार बनते हैं मज़लूम जनता दग़ा सह कर भी वफ़ादार होती है और सेयासी लोग दग़ा देकर भी वफ़ादार बनते हैं By -Hindi Urdu Poetry Stories फ़रवरी 22, 2019 0 ज़ालिमों श़र पसंदों की सेयासत में क़द्रो ऐह़तेराम है जितना मज़लूमों बेबसों पर बाक़ी अभी ज़ुल्म का अंजाम है उतना,ओह़दे रस़ूख़ वालो के अक़्ल की दुनिया देख ली आरिफ़ यहां हक़ और बात़िल के मीज़ान में फ़र्क़ और पहचान है कितना Tags: #indianpoetry #poetryHindi Urdu Poetry Stories Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने
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