(शीशे से पत्थर नहीं तोड़े जाते)
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फ़रवरी 14, 2019
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ये कैसा कोह़राम मचा है ज़लालत का ज़माने में हर कोई लगा है हर किसी को आज़माने में
आरिफ़ हमसब अपना गिरेबांन देखले पहले ज़्यादा वक़्त नहीं लगता यहां अपनी इज़्ज़त को गंवाने मे
आरिफ़ मोहम्मद इब्राहिम,इलाहाबादी

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