मुख्यपृष्ठ Hindi Urdu Poetry Stories मिट्टी के जिस्म में आग के श़ोले मिट्टी के जिस्म में आग के श़ोले By -Hindi Urdu Poetry Stories मई 21, 2019 0 श़बनंम के हर एक क़तरे पर फ़ूलों को मचलते देखा हैआग़ोशे समंदर में हमनें दरिया को सिमटते देखा है हैरत है यहां इनसांन बना है मिट्टी का फ़िर भी आरिफ़ इनसानों के हाथों इसांनियत कई बार ही मरते देखा है Hindi Urdu Poetry Stories Tags: #indianpoetry #poetryHindi Urdu Poetry Stories Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने
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