लोकतंत्र का पाँचवाँ स्तंभ सेयासी ग़ुलाम
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Hindi Urdu Poetry Stories
मई 11, 2020
सहाफ़त जब सेयासी हुक्मरानों की ग़ुलाम हो जाए
वत़न का हर अमीर जब ज़ालिमों और मक्कार हो जाए
तो समझ लेना अवाम का मुस्तक़बिल अब ख़तरे में है आरिफ़
मज़लूम जेलों में हो और ज़ालिम आसानी से आज़ाद हो जाए
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