लोकतंत्र का पाँचवाँ स्तंभ सेयासी ग़ुलाम

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सहाफ़त जब सेयासी हुक्मरानों की ग़ुलाम हो जाए

वत़न का हर अमीर जब ज़ालिमों और मक्कार हो जाए


तो समझ लेना अवाम का मुस्तक़बिल अब ख़तरे में है आरिफ़

मज़लूम जेलों में हो और ज़ालिम आसानी से आज़ाद हो जाए


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