(मौत़ सारे भरम को तोड़ती)

Hindi Urdu Poetry Stories
By -
1
तेरे सारे ग़ुमान टूट कर मिट्टी के ज़र्रो मे बदल जाऐगें आरिफ़

बस ज़िन्दगी को मौत़ का तु ज़रा आईना दिखा कर देख

✒मोहम्मद आरिफ़ इलाहाबादी

एक टिप्पणी भेजें

1टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*