मुख्यपृष्ठ Hindi Urdu Poetry Stories (इनसांनियत से मोहब्बत़) (इनसांनियत से मोहब्बत़) By -Hindi Urdu Poetry Stories नवंबर 02, 2018 0 हुक़ूमत हो किसी की भी कैसी परवाह ना करे चाहे हो गर्दिशे़ ज़ुल्मत वही जांबाज़े सिपाह़ी असल मे कौ़मो मिल्लत़ के सरताजो सरद़ार बनते है ✍मोहम्मद आरिफ़ इलाहाबादी Tags: #indianpoetry#poetryHindi Urdu Poetry Stories Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने
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