मुख्यपृष्ठ Hindi Urdu Poetry Stories (ख़ुद की श़ख्सियत़ की बढ़ाई करना ख़ुद को धोख़ा देना) (ख़ुद की श़ख्सियत़ की बढ़ाई करना ख़ुद को धोख़ा देना) By -Hindi Urdu Poetry Stories नवंबर 19, 2018 0 ख़ुद की तारीफ़े जो बंद अल्फ़ाज़ो मे किया करते है आरिफ़ अक्स़र वही लोग द़निश़मदों को अपनी गुमराही का सबूत़ देते है ✍ मोहम्मद आरिफ़ इलाहाबादी Tags: #indianpoetry#poetryHindi Urdu Poetry Stories Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने
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