मुख्यपृष्ठ Hindi Urdu Poetry Stories अप्रैल फ़ूल ऐक जाहिलाना परंपरा है अप्रैल फ़ूल ऐक जाहिलाना परंपरा है By -Hindi Urdu Poetry Stories अप्रैल 01, 2019 0 Hindi Urdu Poetry Stories ये अप्रैल फ़ूल क्या है सारा जहां ये क्यों मनाता है जो ख़ुश़ियां दे नहीं सकता उसे कोई क्यों सजाता है जो देता है दिलों में शक़ की गुंजाइश़ बिना मतलब ज़माना फ़िर भला कैसे इसमें सुकून पाता है मुझे तो कोई रग़बत ही नहीं एैसी फ़हश़ी सक़ाफ़त से भला जो कर नहीं सकती किसी का तो ये कोई क्यों निभाता हैये बिन मतलब की झूठी शान ये अफवाहें कला बाज़ीये तो है एक मग़्रिबी कल्चर भारत इसे फिर क्यों मनाता है Tags: #indianpoetry #poetryHindi Urdu Poetry Stories Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने
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