वोटों की डकैती

Hindi Urdu Poetry Stories
By -
0

पार्टी कोई भी हो ग़ुलामी बेजान मत करना चंद रुपयों के लालच में अपनी ताक़त नीलाम मत करना


आंखें खोलकर और दिमाग़ की बत्ती जलाकर ही अपने मतों का इस्तेमाल करो मेरें दोस्तों


क्योंकि पांच साल में ऐक बार दिखने वाले नेता जी दिल नहीं दिमाग़ पर ही डाका डालेंगे इनकी बातों का कभी ऐतबार मत करना


Hindi Urdu Poetry Stories


एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*