श़ख़्सियत अपनी अलग दिखाईऐ अख़लाक़ मे अपने नर्मी लाईऐ मजबूरो मोहताजो के हर पल काम आईऐ
लोगों के दिलों मे मोहब्बत़ ख़ुद बा ख़ुद आ जाऐगी आरिफ़ बस किरदार को अपना एैसा बनाईऐ
🖋मोहम्मद आरिफ़ इलाहाबादी
(पहले ख़ुद को बदले दूसरों को बदलने से बेहतर है)
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दिसंबर 25, 2018
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