मुख्यपृष्ठ Hindi Urdu Poetry Stories (मासूम़ दिल अंजान था) (मासूम़ दिल अंजान था) By -Hindi Urdu Poetry Stories नवंबर 27, 2018 0 जिस पर फख़्र और ऐते़माद़ था मुझे हमेश़ा से हर तरह के राह़े सफ़र मे आरिफ़ मगर अफ़सोस है के वही सरे राह मुझे तड़पता हुआ अकेला छोड़ गया ✒ मोहम्मद आरिफ़ इलाहाबादी Tags: #indianpoetry#poetryHindi Urdu Poetry Stories Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने
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