मुख्यपृष्ठ Hindi Urdu Poetry Stories (क़यामत़ का दिन) (क़यामत़ का दिन) By -Hindi Urdu Poetry Stories नवंबर 07, 2018 0 क़यामत़ टूट पड़ती है उस रोज़ जिगर छलनी हो जाता है कोई बाप जब जवान बेटे का जनाज़ा अपने काधें पर उठाता है ✒मोहम्मद आरिफ़ इलाहाबादी Tags: #indianpoetry#poetryHindi Urdu Poetry Stories Facebook Twitter Whatsapp और नया पुराने
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